Haryana Metro: हरियाणा के गुरुग्राम से झज्जर एम्स तक मेट्रो चलाने की तैयारी, इन 2 रूट्स पर है HMRTC की नजर

Haryana Metro: हरियाणा की पब्लिक ट्रांसपोर्ट (Public Transport) व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो गुरुग्राम से झज्जर के बाड़सा गांव स्थित एम्स (AIIMS Jhajjar) तक इलाज के लिए सफर करते हैं। अब तक जिन्हें बसों और ऑटो में धक्के खाने पड़ते थे जल्द ही उन्हें मेट्रो (Metro) की सुविधा मिल सकती है।Haryana Metro
जी हां! हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) ने झज्जर एम्स तक मेट्रो का विस्तार करने का प्लान तैयार किया है। इसके लिए रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस यानी RITES को सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सर्वे अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है जिसके बाद डीपीआर (Detailed Project Report) बनाई जाएगी।Haryana Metro
झज्जर एम्स जाना होगा आसान
अब सोचिए रोजाना 1000 से ज्यादा मरीज एम्स झज्जर पहुंचते हैं। इनमें से करीब 400 तो नए मरीज होते हैं जो पहली बार इलाज के लिए आते हैं। अभी गुरुग्राम से एम्स तक सीधी बस नहीं चलती। हरियाणा रोडवेज (Haryana Roadways) और सिटी बस सर्विस दोनों की तरफ से कोई डायरेक्ट कनेक्टिविटी नहीं है। ऐसे में मेट्रो चलने से मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

गुरुग्राम रेलवे स्टेशन या इफको चौक बस स्टॉप से उतरकर मरीजों को बस ऑटो या फिर शेयरिंग गाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। अब अगर मेट्रो की सुविधा हो जाए तो इस परेशानी से राहत मिल सकती है।Haryana Metro
ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात
इस वक्त गुरुग्राम से झज्जर जाने का जो मुख्य रास्ता है वो द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) से होकर जाता है। लेकिन यह रास्ता काफी संकरा है। खासकर सुबह और शाम के समय यहां भयंकर ट्रैफिक जाम लग जाता है। पीडब्ल्यूडी (PWD B&R) ने इस एक्सप्रेसवे से एम्स तक नया रोड निकालने की प्लानिंग तो की थी लेकिन किसानों ने ज़मीन की ज्यादा कीमत मांग ली जिससे यह योजना अधर में लटक गई।Haryana Metro
अब मेट्रो का विकल्प सामने आया है और HMRTC ने राइट्स (RITES) को रूट सर्वे की जिम्मेदारी दे दी है। इससे ट्रैफिक की समस्या भी काफी हद तक सुलझ सकती है।
किन दो रूट्स पर चल रहा है विचार?
अब सवाल ये है कि मेट्रो किस रूट से झज्जर एम्स तक पहुंचेगी? इसके लिए दो रूट्स पर विचार किया जा रहा है:
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट: इस रूट में सेक्टर-101 (गांव बसई) मेट्रो स्टेशन से बाड़सा स्थित एम्स तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। यह रूट द्वारका एक्सप्रेसवे के नजदीक है और यहां से एम्स तक की दूरी करीब 14 किलोमीटर है।
दिल्ली ढांसा मेट्रो रूट: इस ऑप्शन में ढांसा मेट्रो स्टेशन से नजफगढ़ होते हुए एम्स झज्जर तक मेट्रो ले जाई जाएगी। यह दूरी लगभग 20 किलोमीटर है।
राइट्स इन दोनों रूट्स पर राइडरशिप (Ridership) का आंकलन कर रहा है। यानी देखा जाएगा कि किस रूट पर ज्यादा लोग सफर करेंगे और सुविधा किसमें ज्यादा है। रिपोर्ट आने के बाद ही फाइनल फैसला लिया जाएगा।
फिर शुरू होगा डीपीआर का काम
सूत्रों की मानें तो अगले महीने के अंत तक यह सर्वे रिपोर्ट HMRTC के पास आ जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि किस रूट से मेट्रो ले जानी है। इसके बाद Detailed Project Report (DPR) तैयार की जाएगी जिसे अप्रूवल के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक चलता है तो अगले कुछ वर्षों में गुरुग्राम से एम्स झज्जर तक मेट्रो का सपना साकार हो सकता है।
एम्स के कर्मचारी बोले
एम्स झज्जर के एक कर्मचारी ने बताया कि “हर दिन हजारों मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। खासकर राजस्थान मध्यप्रदेश बिहार और यूपी से आने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती है। सीधी बस या मेट्रो न होने की वजह से मरीजों को घंटों सफर करना पड़ता है। अगर गुरुग्राम से एम्स तक मेट्रो चलने लगे तो यह पूरे उत्तर भारत के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी।












